खुशखबरी! चंद्रयान-2 का छूटा हुआ हिस्सा विक्रम लैंडर और्बिटर ने ढूंढ निकाला

खुशखबरी! चंद्रयान-2 का छूटा हुआ हिस्सा विक्रम लैंडर और्बिटर ने ढूंढ निकाला



नई दिल्ली। चंद्रयान 2 के लेंडर का सतह पर उतरने के कुछ ही दूर पहले भारतीय समय के अनुसार  शनिवार प्रातः 2:00 बजे से कुछ ही मिनट पहले ऑर्बिटर से संपर्क टूट जाना भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरे वैज्ञानिक जगत के लिए एक झटका था। भारत की इस परियोजना पर पूरे विश्व के वैज्ञानिकों की निगाहें गड़ी हुई थी और वह चंद्रमा तक पहुंचने के लिए आशावान थे लेकिन विक्रम लैंडर का संपर्क टूट जाने से कुछ हद तक निराशा हुई। हालांकि वैज्ञानिकों ने इसे काफी हद तक सफल प्रयोग बताया था।


आज रविवार को लगभग 2:30 बजे इसरो प्रमुख  डॉक्टर के सिवन ने आर्बिटर द्वारा विक्रम लैंडर की चित्र खींचने और उन्हें इसरो केंद्र में देखे जाने की घोषणा की गई जिससे चंद्रयान-2 परियोजना को एक नई आशा का संचार मिला है।


"डॉक्टर सिवन के अनुसार "हमें चंद्रमा की सतह पर लैंडर का पता चल गया है और्बिटर ने उसके चित्र खींचकर भेजे हैं। हालांकि वैज्ञानिक अभी विक्रम लेंडर से संपर्क स्थापित नहीं कर पाएं हैं। डॉक्टर सिवन ने कहा कि जैसे ही विक्रम लैंडर से संपर्क स्थापित होगा इसकी सूचना दी जाएगी।"


हालांकि डा.सिवन ने बताया कि अभी विक्रम लैंडर के बारे में अधिक जानकारी नहीं मिली है उसकी स्थिति का अध्ययन किया जाना शेष है लेकिन लैंडर की फोटो मिलने और और्बिटर द्वारा ठीक प्रकार से काम करना इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इससे आशा की जा सकती है कि भविष्य में ऑर्बिटर द्वारा महत्वपूर्ण सूचनाएं इसरो को प्रेषित की जाएगी, जिसका कार्यकाल 7 वर्ष तक चलेगा। दूसरी तरफ लैंडर की स्थिति को समझते हुए संभव है कि वैज्ञानिक उसे पुनः अपने नियंत्रण में ले ले और लैंडर का बचा हुआ कार्य पूरा हो सके।


ज्ञात हो कि चंद्रयान 2 पार्ट विक्रम लैंडर का सॉफ्ट लैंडिंग से 2 मिनट पहले ही संपर्क टूट गया था। जिससे समूचे वैज्ञानिक समाज में निराशा फैल गई थी। 20 अगस्त को चंद्रयान-2 चंद्रमा की ऑर्बिट में सफलतापूर्वक प्रवेश कर गया था तथा विक्रम लैंडर को साफ्ट लेंडिंग के लिए और्बिटर से अलग कर दिया गया था लेकिन सॉफ्ट लैंडिंग से लगभग 2 किलोमीटर पहले ही विक्रम लैंडर का और्बिटर से संपर्क टूट गया था।
शनिवार को एक इंटरव्यू के दौरान इसरो प्रमुख डॉक्टर सिवन ने कहा था कि वे और उनके वैज्ञानिक  अगले 14 दिन के भीतर लैंडर का पता लगाने का पूरा प्रयास करेंगे और यह काम भी बखूबी उन्होंने अगले ही दिन यानी रविवार को ही पूरा कर दिया।


अब इसरो के वैज्ञानिकों से अपेक्षा की जा रही है कि वे यथाशीघ्र विक्रम लैंडर से संपर्क साध लें।  ऐसा हो जाने पर चंद्रयान-2 का अभियान एक बार फिर गति पकड़ लेगा और प्रत्येक भारतीय ही नहीं अपितु सकल विश्व के वैज्ञानिकों की हसरतें भी पूरी हो सकेगी।