नहीं चलेगा वाहन बीमा ना होने का बहाना, सरकार सीधे देगी आपके घर पर दस्तक

नहीं चलेगा वाहन बीमा ना होने का बहाना, सरकार सीधे देगी आपके घर पर दस्तक



नई दिल्ली:  सितंबर माह अपने शुरुआत शुरुआत से ही वाहन धारकों और चालकों के लिए काफी कष्ट कारक प्रारंभ हुआ है दरअसल 1 सितंबर से नए यातायात नियम लागू होने के बाद भी नियमों की जानबूझकर या अज्ञानता वश अनदेखी कर रहे लोगों पर शासन का कड़ा ठंडा पड़ पड़ रहा है और उन्हें भारी भरकम भरकम जुर्माना देना पड़ रहा है हालांकि यह प्रथम चरण है और दोबारा नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए जाने वाले लोगों के लिए अतिरिक्त प्रभार भी लगाया जा सकता है अथवा उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।
एक सितंबर से पूरे देश में संशोधित  वाहन  अधिनियम 2019  लागू है। इस एक्ट के लागू होने के बाद ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करना बहुत महंगा पड़ सकता है। सरकार का साफ-साफ कहना है कि कड़े नियम इसलिए लागू किए गए हैं ताकि लोग ट्रैफिक नियमों की पालना करें। सरकार का मकसद खजाना भरने का नहीं है। परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हर साल देश में 5 लाख से ज्यादा हादसे होते हैं। इन हादसों में 1.5 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है। इसलिए, कड़े नियम की सख्त जरूरत थी।


नए नियम के मुताबिक, अगर किसी वाहन का बीमा  नहीं है तो पकड़े जाने पर पहली बार 2000 रुपये का फाइन और तीन महीने तक की सजा हो सकती है। दूसरी बार पकड़े जाने पर 4,000 रुपये तक फाइन और तीन महीने की सजा हो सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक सितंबर के बाद अचानक से मोटर इंश्योरेंस में इजाफा हुआ है।


इस दिशा में अब भारतीय बीमा नियामक एवं विकास अथॉरिटी (आईआरडीए) और आरटीओ विभाग मिलकर एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। इसके तहत जिन वाहनों का इंश्योरेंस खत्म होगा, उनके घर नोटिस भेजा जाएगा। आईआरडीए उन वाहनों की लिस्ट आरटीओ विभाग से शेयर करेगा, बाद में उनके पते पर नोटिस जारी किया जाएगा।


इसके लिए आईआरडीए-आरटीओ ने मिलकर पायलट प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। आरटीओ ऑफिस के साथ इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। अगर यह प्रोजेक्ट सफल रहता है तो आने वाले दिनों में आपके पास अगर गाड़ी होगी तो बिना इंश्योरेंस सड़कों पर निकलना मुश्किल होगा। आरटीओ विभाग आपके वाहन का बीमा समाप्त होने से पहले ही आपको इसकी याद दिला देगा।


कहा जा सकता है कि बदले परिवेश में वाहन चालकों के पास वाहन बीमा ना होना होना या उसके लिए कोई बहाना अब नहीं चलेगा सरकार सीधे वाहन चालकों के घर पर दस्तक देकर उन्हें बीमा करने के लिए प्रेरित करेगी।


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