नगर निगम के सभी 100 वार्डों में घर-घर जाकर डेंगू के संबंध में जागरूकता से लाएंगे कार्मिक

नगर निगम के सभी 100 वार्डों में घर-घर जाकर डेंगू के संबंध में जागरूकता से लाएंगे कार्मिक



देहरादून। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं निगम प्रशासन की पहल पर डेंगू निवारण के लिए बनाई गई कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए पुलिस लाईन में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, सिविल डिफेंस, फायर, होमगार्ड एवं राजस्व विभाग के 1000 से अधिक कार्मिकों ने प्रतिभाग किया।


डेंगू में अचानक तेज सिर दर्द व बुखार होना, मांसपेशियों तथा जोड़ों में तेज दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना, जो कि आंखों को घुमाने से बढता है, जी मचलाना एवं उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक, मुँँह या मसूड़े से खून आना अथवा त्वचा पर चकत्ते उभरना प्रमुख है।


पुलिस लाईन में आयोजित इस कार्यक्रम में नगर निगम देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा ने डेंगू रोकथाम, पहचान, फाॅगिंग, दवा छिड़काव, स्वच्छता एवं प्लास्टिक हटाओ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जनमानस में जन जागरूकता फैलाने के लिए जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन की इस मुहिम के लिए साधुवाद दिया, कहा कि सामाजिक प्रयासों से डेंगू निवारण व प्लास्टिक निषेध पर लोगों को अधिकाधिक जागरूक किया जाय। इस अवसर पर मुख्य नगर आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय ने उपस्थित लोगों से सहयोग करने की अपील करने के साथ ही सभी विभागों के कार्मिकों की टीमें, नगर निगम देहरादून के सभी 100 वार्डों में जाकर डेंगू से बचने के उपायों की जानकारी देंगे, जिससे आमजनमानस में व्याप्त डेंगू के भय को दूर किये जाने में मदद मिलेगी। स्वच्छता ही सेवा एवं निर्वाचक नामावली सत्यापन के कार्यक्रमों को भी इस आयोजन के साथ सम्मिलित करने की बात करते हुए जिलाधिकारी सी रविशंकर ने शिक्षा, स्वास्थ्य राजस्व, पुलिस समेत अन्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिला प्रशासन की इस मुहिम को सफल बनाने के लिए उपस्थित होने पर प्रसन्नता जाहिर की तथा अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनमानस को जानकारी उपलब्ध करायें।


उन्होंने कहा कि सभी वार्डों में सूचना पट्ट लगाये जायेंगे, उसमें क्षेत्रीय पार्षद, राजस्व, पुलिस व स्वास्थ्य सेवा से जुड़े अधिकारियों के नाम, पदनाम व मोबाईल न0 अंकित किया जायेगा, जिसका लोगों को किसी भी प्रकार की शिकायत/समस्या के निराकरण करने के लिए प्रयोग में लाया जा सकेगा। उन्होंने  जानकारी देते  हुए बताया कि डेंगू मच्छर दिन के समय ही काटता है ऐसे में पूरी बाजू के कपड़े पहनना चाहिए जिससे पूरा शरीर ढका रहे। उन्होंने मच्छर रोधी क्रीम, क्वाईल, रिपेलेन्ट आदि का यथासम्भव उपयोग करने पर बल दिया। कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरूण मोहन जोशी ने सभी पुलिस कार्मिकों को डेंगू निवारण हेतु गठित टीमों के साथ सहयोग कर जनजागरूकता का कार्य करने को कहा। इस क्रम में उन्होंनें सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों से इस अभियान को सफल बनाने के लिए अपना रचनात्मक सहयोग देने की अपील की ताकि सभी सहयोग से डेंगू का सफाया किया जा सके।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ एस.के गुप्ता एवं राज्य समन्वयक डाॅ पंकज ने डेंगू रोकथाम के लिए चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी।  उन्होंने बताया कि डेंगू बरसात के मौसम में माह जुलाई से अक्टूबर तक फैलता है।  डेंगू के लक्षणों के बारें में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि डेंगू में अचानक तेज सिर दर्द व बुखार होना, मांसपेशियों तथा जोड़ों में तेज दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना, जो कि आंखों को घुमाने से बढता है, जी मचलाना एवं उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक, मुँँह या मसूड़े से खून आना अथवा त्वचा पर चकत्ते उभरना प्रमुख है। उन्होंने डेंगू से बचने के उपायों की जानकारी देते हुए बताया कि डेंगू फैलाने वाला मच्छर रूके हुए साफ पानी में पनपता है, जैसे कूलर का पानी, खुली पानी की टंकी, पक्षियों व पशुओं के पीने के पानी का बर्तन, फ्रीज की टैª, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन, टायर, डिस्पोजल बर्तन-गिलास दोने इत्यादि। उन्होंने पानी से भरे हुए बर्तनों व टंकियों आदि को ढक कर ही रखनें, प्रत्येक सप्ताह कूलर को खाली करके सुखा कर ही उपयोग में लानें की बात कही। उन्होंने डेंगू के लार्वा का समूल नष्ट किये जाने के लिए घर-घर जाकर जनमानस को जानकारी उपलब्ध कराये जाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा व वैक्सीन नही होती है। बुखार उतरने के लिए पैरासीटामोल लिया जा सकता है। एस्प्रीन या इबुब्रेफेन का इस्तेमाल न किया जाय। उन्होंने बताया कि डेंगू के रोगी को प्लेटलेट्स की आवश्यकता होती है ऐसी स्थिति होने पर चिकित्सक की सलाह ली जाय। उन्होनें कहा कि सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, घर में कीटनाशक का छिड़काव करें, अनावश्यक एकत्र पानी में जला हुआ मोबिल आॅयल/मिट्टी का तेल डाल दें, उन्होंने बताया कि डेंगू की एलाईजा जांच दून मेडिकल कालेज/अस्पताल में निःशुल्क की जाती है।
कार्यक्रम के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दिये जाने के उपरान्त अनेक कार्मिकों द्वारा डेंगू के रोकथाम के लिए अपनी-अपनी जिज्ञासाएं भी प्रस्तुत की गई, जिनका समुचित जवाब विशेषज्ञों ने दिये। पुलिस लाईन में आयोजित कार्यक्रम में डेंगू रोकथाम के लिए 100 टीमें बनाई गयी हैं, जिनमें स्वास्थ्य, नगर निगम, पुलिस, जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग के अध्यापक/अध्यापिकाएं शामिल होंगी, जिनके द्वारा सभी वार्डों में घर-घर जाकर लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक किया जायेगा।